Friday, December 19, 2008

मोहाली में भारत-इंग्लैंड के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट मैच का पहला दिन!


मोहाली में भारत-इंग्लैंड के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट मैच का पहला दिन भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा या यूँ कह सकते है के गंभीर और राहुल द्रविड़ के नाम रहा।
मैच पे ख़राब रौशनी का साया रहा और मैच निर्धारित समय से बीस मिनट देर से शुरू हुआ और एक घंटे पहले ही रोक दिया गया। टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की ओर से ओपनिंग पर वही पुराने जोड़ी आई जिस से भारत को एक लम्बी साझेदारी की उम्मीद थी मगर वीरेन्द्र सहवाग पिछली पारी की तरह इस बार कोई कमाल नहीं दिखा सके और बिना खाता खोले सुन्य पर ही पविलिअन वापस लौट गए।

उसके
बाद आए राहुल द्वविड़ ने गंभीर के साथ मिल कर भारत को मजबूत मे पजिशन में पहुंचाया और पहले नुकसान को आखिरी रहने दिया। इस दौरान गौतम गंभीर ने भी अपने फॉर्म को बरकरार रखते हुए अपना शतक भी पूरा किया। अपनी इस शानदार पारी के दौरान उन्होंने 11 चौके लगाये और एक छक्का भी उड़ाया।

उसके
बाद सीरिज़ मे पहले बार संभल कर खेल रहे राहुल द्रविड़ ने भी 150 गेंदों पर पचास रन बनाकर अपनी 54वीं टेस्ट हाफ सेन्चुरी बनाई दिन के ख़तम होने तक भारत ने सहवाग के नुकसान पे 179 रन बना लिए थे गंभीर 106 रन बना कर और राहुल 65 रन बना कर अभी पिच पे डटे है! कल सुबह देखते है स्कोर को वो कितना आगे ले जाते है।




Read more...

Thursday, December 18, 2008

अब द्रविड़ क्या करे??


ये वक्त भारत के दिवार कहे जाने वाले द वाल के लिए कुछ अछा नही जा रहा है। हर किसी की नजर अब उसके तरफ़ ही लगी है। सभी पहले लिस्ट से सचिन, लक्ष्मण , दादा अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ को निशाना बना रहे थे और कही ना कही दवाब बनाया जा रहा था। सचिन और लक्ष्मण ने तो अपने आप को साबित कर दिया जब की दादा और अनिल तो सन्यास ले चुके। अब सभी दवाब राहुल द्रविड़ पे है। जबकि देश के कई पुराने दिग्गज क्रिकेटरों का ये मानना है की ख़राब फॉर्म से गुजर रहे राहुल को समर्थन चाहिए। और राहुल को मोहाली टेस्ट मे जरुर खिलाना चाहिए।
11 जनवरी 1973 को जन्मे राहुल सरद द्रविड़ अब 36 साल के होने वाले है और कुछ लोग उनके उमर को निशाना बनाने लगे है तो उनको ये लाइन जरुर पढ़नी चाहिए। सुनील गावस्कर ने 1987-88 मे न्यूजीलैंड के बिरुद्ध नागपुर मे 38 साल 113 दिन की उमर मे शतक बनाया था। जयसूर्या ने इस रिकॉर्ड को अपने 39 वे जन्म दिन पे बांग्लादेश के बिरुद्ध 130 रन बना कर तोडा था। इसके 6 दिन बाद जयसूर्या ने एक और शतक बना दिया था।

कुछ लोगो को अब राहुल पे भरोसा नही रह गया है। तो उनके लिए ये याद दिलाये के जो टेस्ट मे 80 % से ज्यादा पारियों मे 50 की औसत रख पाए उनमें आज के सिर्फ़ 3 ही क्रिकेटर है सचिन, राहुल और ऐडम गिलक्रिस्ट।
राहुल द्रविड़ ने 212 मे से 83.71 और सचिन ने 240 मे से 80.83 % पारियों में 50 की औसत बनाये रखा।

लोग अब ये कह रहे है के क्या अगली बारी राहुल की ही है? वैसे ये देखा जाए तो कहा जा सकता है का कुछ अरसे से उनका खेल बाद से बदतर होता जा रहा है। हाल के ही कंगारुओ के खिलाफ भी उनका बल्ला नही बोला तो कुछ लोग तो यहाँ तक बोलने लगे थे का कही ऐसा न हो के दो महान बल्लेबाज़ ने एक ही साथ अपन आगाज़ किया तो एक ही साथ अंत भी कर ले।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए हाल के सीरिज़ मे वो चार टेस्ट मैच मे सिर्फ़ एक ही फिफ्टी लगा पाए और कुल 17.14 की औसत से 120 रन ही बनाये। और उसके पिछले दिनों जब टीम इंडिया ने श्रीलंका का दौरा किया था तो भी ये द वाल रेत की दिवार की तरह ही टिकी थी। कुल 148 रन तिन टेस्ट में बनाये थे।

वैसे क्या राहुल द्रविड़ के ख़राब फॉर्म के लिए उसका मानसिक हालात ही जिमेदार है? थोड़ा पीछे जाते है जो दुनिया का सब से बहतरीन बल्लेबाज़ था अपने टीम का कप्तान था उसने अपने कप्तानी क्या छोर दी उसका बल्ला भी उससे रूठ गया और अगले ही सिरीज़ से वो निकाल दिया गया और सब ने ये माना था के उस जैसे सीनियर क्रिकेटर को निकाले जाने का मतलब था को उसके क्रिकेट जीवन पे खतरा।
उस क्रिकेटर पे जिसके नाम पे कुछ ऐसे रिकॉर्ड है जो और किसी के नाम पे नही जैसे वो दुनिया का अकेला बल्लेबाज़ है जिसने हर टेस्ट खेलने वाले देश की जमीं पे उसके खिलाफ शतक बनाया है। वो उन तिन बल्लेबाजों मे शामिल है जिन्होंने चार लगातार पारियों मे शतक लगाया है। उसके नम्बर तिन पे खेलने को ले कर भी सवाल उठते है जबकि ये पता होना चाहिए १५० से जायदा पारी खेली है और 7677 रन बनाये है साथ ही साथ 72 शतकिये साझेदारी का भी रिकॉर्ड उसके नाम ही है। टेस्ट मैच में 180 और एकदिवासिये मे 193 कैच उसके नाम है।
मगर हाल के इंग्लिश टीम के खिलाफ जब उनके हाथो से कैच टपका तो सब देख कर ये ही बोल रहे थे के अब वो टेस्ट के लिए पुरे फिट भी है के नही। जिस द वाल को सबने सचिन और सौरभ से मानसिक रूप से ज्यादा मजबूत माना गया था अब ऐसा लगता है के कही न कही उनका विश्वाश डगमगा गया है और उनको सच मे कप्तान से और टीम से समर्थन चाहिए। और जिसने भी दिवार के 25 शतक मे से 24 मे भारत को टेस्ट हारने से बचते ही देखा है वो तो जरुर चाहते होंगे के द्रविड़ फ़िर से फॉर्म मे आ जाए।

Read more...

Tuesday, December 16, 2008

भारत ६ विकेट से पहला टेस्ट जीत गया!


31 January 1999 टेस्ट नम्बर 1442 भारत और पाकिस्तान का मैच चेपक के ही मैदान मे सचिन का शतक(141) के बाद भी इंडिया 12 रन से हारते हुए जिसने भी देखा था वो आज कम से कम वो मैच याद करना नही चाहते होंगे।
कल के दिन के अंत तक जो बल्लेबाजी सहवाग ने कर दिया था वो भी नीव साबित हो रही थी आज के मैच के लिए।
फ़िर भी 183 रन पे जब 3 विकेट गिर गए तो एक बात वो टेस्ट का भूत जरुर सताने लगा होगा। मगर सचिन और महाराज की जगह लेने को उतावले युवराज ने अपनी सबसे बेहतर अभी के लिए ही बचा रखा था। भारत के कोच गेर्री किर्स्टन ने भी ये बात मानी थी के भारत को अपना पुराना कल ना याद कर बस वो दाग धोना होगा जब हर कोई ये बात बोलता है के भारत कभी भी स्कोर का पीछा अच्छे से नही कर सकता। सहवाग ने लीड करते हुए अपने सभी साथी के साथ वो कारनामा कर दिखाया जो आज के सदी मे नही हुआ था भारत भारत मे कभी भी 300 रन भी बना कर नही जीत पाया था। इस जीत के साथ ही भारत २ मैच के सीरीज मे 1-0 से आगे हो गया है और आखिरी टेस्ट तो कम से कम पीटरसन कभी भी हारना नही चाहेगा। पूरे दौड़े मे अभी
तक उसके सेना को एक भी विजय नशीब नही हुआ है।


सचिन और युवराज दोनों ने अपने आलोचकों को अछा जवाब दिया है जो ये कहते नही थकते के सचिन अब चुक गए और टेस्ट जितना उनके बस मे नही और युवराज टेस्ट मैच के लिए अच्छे बल्लेबाज़ नही। दोनों ने पहले टीम के लिए जीत के दरवाजे खोले फ़िर किसी और पे भरोशा ना करते हुए टीम को विजय द्वार तक ख़ुद ले कर गए।
पीटरसन ने ख़ुद ये कल ही कहाँ था के वो राहुल और सचिन को सस्ते मे निपटाना चाहेंगे मगर वो राहुल से तो निपट गए सचिन से नही। और टेस्ट उनके नाम नही आ सका जो वो चाहते थे। पीटरसन के लिए सबसे बड़ी कमजोरी वो ख़ुद ही रहे जो इस टेस्ट मे कुछ खास न कर सके।
सचिन के शतक पे हम उनको पूरे अदब से सलाम करते है।




Read more...

आप का स्वागत है क्रिकेट के हिन्दी ब्लॉग मे!

भारत मे सबसे लोकप्रिय खेल आज क्रिकेट को ही माना जाता है तो जाहिर है लोग सब से ज्यदा क्रिकेट पे ही पढ़ना भी चाहते है और वो अगर हिन्दी मे हो तो वाह क्या बात होगी.
हिन्दी मे ब्लॉग और न्यूज़ पढने वालों के लिए अब एक और ब्लॉग है जहाँ हाल के मैच स्कोर और कुछ पुराने मैच के जानकारी यहाँ दी जायेगी। अभी हम हाल मे होने वाले इंडिया और इंग्लैंड पे हो रहे मैच पे स्कोर और न्यूज़ देंगे.
अगर आप को ये अछा लगता है तो कमेन्ट करे।
विकाश रंजन

Read more...

Followers

Text

  ©Template by Dicas Blogger.